हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार>  <  केवल जुटाओगे तो बोझ बढ़ेगा, केवल लुटाओगे तो खोखले हो जायोगे। दोनों का संतुलन ही स्वस्थ जीवन है। ><  संकल्पबद्ध होकर किसी कार्य की सिद्धि के लिए किया गया पुरुषार्थ ही व्रत है जबकि उपवास निराहार रहकर आत्मबल बढ़ाने की प्रक्रिया है। < > मल्लाह वही है जो लहरों से खेले। जो ड़र गया वह ड़ूब गया।      जो हर समय दूसरों के दोष देखता है वह अपनी पहचान खो बैठता है। < सुविचार> यदि आप किसी उंचाई पर पहुंचना चाहते हैं तो दूसरों के आरोपों से न ड़रें क्योंकि लोग उसी पेड़ पर पत्थर मारते हैं जिन पर फल लगे होते हैं।   < सुविचार> कल्पना शक्ति से समस्याओं का हल ढूंडा जा सकता है।    हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार>    बुराईयों की तरफ से आँख बन्द करें तथा अच्छाईयो की तरफ ध्यान लगायें।     हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> ईर्ष्या की चिंगारी जीवन को नष्ट कर देती है।         हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार अच्छी मित्रता दुर्लभ और कीमती चीज़ है।      हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार > ज्ञान ऐसी दौलत है जिसे कोई चुरा नही सकता।      हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> खुशी तब तक अधूरी है जब तक बाँटी न जाये।      हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> वक्त हालात बदलते है, हालात इंसान बदल देते है।         हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> दूसरों की गलतियां भूल कर हमेशा अपनी गलतियां याद रखें।     हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> जब आप किसी को कुछ बता कर कह्तें हैं  कि वह  किसी को न बताये - लेकिन जब आप खुद उससे अपनी बात नहीं छुपा सके तो दूसरों से भी उम्मीद नहीं रखनी चाहिये।      हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> यदि आप पूरे जीवन के लिये खुशी पाना चाहते हैं तो अपने द्वारा किये गये हर काम से प्यार करना सीखें।     हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार> कारण में ही निवारण है।      हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार>  खुद गलती करने की बजाय दूसरो की गलतियों से सीखो।     हिन्दी मासिक पत्रिका   < सुविचार>      <   अपनी तकलीफों को रेत पर लिखें और अपनी उपलब्धियों को संगमरमर पर लिखें।      >संकल्पबद्ध होकर किसी कार्य की सिद्धि के लिए किया गया पुरुषार्थ ही व्रत है जबकि उपवास निराहार रहकर आत्मबल बढ़ाने की प्रक्रिया है। < > मित्र और शत्रु , व्यवहार से ही बनाये जाते हैं ।
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मेरी आवाज

किसी ने कहा है

 

*  हमें इक बार जी भर के पिला दे साकिया,

फिर हमारे नाम सारे शहर की रुसवाईयां लिखना।

“मुमताज राशिद”

* मय रहे, मीना रहे, गर्दिश में पैमाना रहे,

मेरे साकी तू रहे आबाद, मयखाना रहे।

“रियाज़ खैराबादी”

* कहां रोज़ खुलता है दर ज़िन्दगी का,

किसे रोज़ मिलता है वर ज़िन्दगी का,

लगा लो सभी को गले से लगा लो,

कटे हंसते-गाते सफर ज़िन्दगी का।

* खिज़ा के दौर में ऐसे भी कुछ मुकाम आये,

गुलों पर वक्त पड़ा है तो खार ही काम आये,

वो शमा क्या जो किसी एक अंजुमन में जले,

एक ऐसी शमा जलाओ जो सबके काम आये।

                 ***

*  दीपक की रोशनी

पटाखों की आवाज़

खुशियों की बोछार

अपनों का प्यार

मुबारक हो दिवाली का त्यौहार।

* उसकी चाहत से इकरार ना करते,

उसकी कस्मों पर एतबार ना करते

पता होता हम सिर्फ मज़ाक हैं उनके लिए

कसम से जान दे देते मगर प्यार ना करते।

*  ऐ खत आकर अदब से सलाम करना,

फिर मीठी जुबां से ये ब्यां करना

ये कागज़ दिल की किताब है मेरी

पत्र पढ़ने से पहले सलाम कबूल करना।

*  छोड़ कर तारों को, दिल पे ड़ाल कर अधूरी रागनी

दिवाने को दिवाना बना कर जाते हो तुम

शुक्रिया मेहरबानी तुम्हारी,

जब ख्यालों में बुलाते हैं, चले आते हो तुम।

                ***

* वो दिवाने थे जो मुझसे नाता तोड़ गए,

खुद ना रुक सके अपनी यादें छोड़ गए

दुख नहीं पर गम है इस बात का,

वो अपनी बातों से किया वादा लफ्ज़ों से तोड़ गए।

 

* हमें यूं ही अपनी सांसों में बसा कर रखना,

अपने दिल के एक कोने में बसा के रखना

प्यार करो न करो हमसे टूट कर,

बस अपने होठों में मेरा नाम यूं ही सजा कर रखना।

 

* जो दिल के करीब ही नहीं सांसों में भी बसे हों,

दोस्त सच्चे अगर साथ हों तो रोया नहीं करते।

जो हो जीने की वजह वो हर पल याद आते हैं,

गम में भी सुकूं दें ऐसे दोस्तों को खोया नहीं करते।

 

* काश वो समझते इस दिल की तड़प को,

तो यूं हमें रुसवा किया ना होता,

उनकी ये बेरुखी, जुल्म भी मंजूर था हमें

बस एक बार हमें समझ लिया होता।

 

* वो अपने दर्द रो-रो कर सुनाते रहे,

हमारी तन्हाईयों से आँख चुराते रहे,

हमें बेवफा का नाम मिला क्योंकि—

हम हर दर्द मुस्करा कर छिपाते रहे।

 

* पानी से प्यास ना बुझी तो

मयखाने की तरफ चल निकला

सोचा शिकायत करुं तेरी खुदा से

पर खुदा भी तेरा आशिक निकला

*

 

*  क्या जाने कब मौत का पैगाम आ जाय,
ना जाने कब जिन्दगी की शाम आ जाय,

ए दोस्त मुझे उस दिन का इंतजार है

जब ये जिन्दगी तेरे किसी काम आ जाय।

 

*   कभी एक लम्हा ऐसा भी होता है,

जब बीता हुआ कल नज़र आता है

बस यादे रह जाती हैं याद करने के लिए

और वक्त सब कुछ लेकर गुजर जाता है।

 

*  हमें यूं ही अपनी सांसों में बसा कर रखना,

अपने दिल के एक कोने में बसा कर रखना

प्यार करो न करो हमसे टूट कर,

बस अपने हाथों में मेरा नाम यूं ही सजा कर रखना।

 

*  आंसु ना होते आँखों में तो आँखें इतनी खूबसूरत ना होती,

दर्द न होता दिल में तो धड़कन की कीमत ना होती

अगर पूरे हो जाते सभी इरादे,

तो आज खुदा की भी जरूरत नही होती।

             ***

*   माना के वक्त हमें याद करने का नहीं

पर बेवक्त ही याद कर लिया करो

माना के आपके आसपास सारी दुनिया है

कभी हमारी कमी का भी अहसास कर लिया करो।

 

*  ए दिल, तूं मोहब्बत करता क्युं है

जो करता है तो फिर तड़्फता क्युं हैं

मैं धड़कन हूं उसकी, ये जानती है

फिर उसका दिल मेरे बिन सुकून में क्युं है।

 

*  ये दिल शायद उंसे प्यार करता है,

बेफिक्र किसी अंजाने पे एतबार करता है

कोई इशारा भी तो नहीं किया उन्होंने

फिर भी जने क्यु उनका इंतजार करता है।

             ***

* खुशियोँ पर फिजाओं का पहरा है

ना जाने किस उम्मीद पे दिल ठहरा है

आपकी आंखोँ  से झलकते दर्द की कसम

ये दोस्ती का रिश्ता प्यार से भी गहरा है।

 

* इश्क और दोस्ती मेरी जिंदगी का गुमान है,

इश्क मेरी रुह और दोस्त मेरा इमान है,

इश्क पर कर दुं फिदा अपनी सारी जिंदगी,

मगर दोस्ती पर तो जां निसार है।

 

* इस कदर हम जिंदगी को मनाने निकले,

आपकी चाहत के हम दिवाने निकले,

जब भी आपसे दिल की बात बतानी चाही,

आपके होंठों से वक्त न होने के बहाने निकले।

 

* दिल के टूटने पर भी हँसना,

शायद जिंदादिली इसी को कहते है।

ठोकर लगने पर भी मंजिल तक भटकना,

शायद तलाश इसी को कहते है।

किसी को चाह कर भी ना पाना,

शायद चाहत इसी को कहते हैं।

टूटे खंड़र में बिना तेल के दिया जलाना

,शायद उम्मीद इसी को कहते हैं।

गिर जाने पर फिर से खड़ा होना,

शायद हिम्मत इसी को कहते हैं।

और ये उम्मीद, हिम्मत, चाहत, तलाश

शायद जिन्दगी इसी को कहते हैं।

 

* सुबह उठते ही ख्याल आए आपका,

बेचैन हो के तड़प जाऊं जब तूं नजर ना आए,

दिल में उठा है तुफान प्यार का,

दिल न दुखाओ सनम, इंसाफ कर दो मेरे जज्बात का।

                 ***

* तड़पे तो बहुत पर वो मान नहीं पाए,

इस दिल की मुहब्बत वो जान नहीं पाए

इक दिन चले जायेंगे इस दुनियाँ से

तब वो कहेंगे, लौट आओ, हम तुम्हें पहचान नहीं पाए।

 

*  श्किल तो क्या कर चले
कदम-दर-कदम हौसला कर चलेहुई राह मु

उबरते रहे हादसों से सदा
गिरे, फिर उठे,  मुस्कुरा कर चले

लिखा जिंदगी पर फ़साना कभी
कभी मौत पर गुनगुना कर चले

वो आये जो महफ़िल में मेरी,
मुझे नजर में सभी की खुदा कर चले

बनाया, सजाया, सँवारा जिन्हें
वही लोग हमको मिटा कर चले

खड़ा हूँ हमेशा से बन के रदीफ़
वो खुद को मगर काफ़िया कर चले

उन्हें रूठने की है आदत पड़ी
हमारी भी जिद है, मना कर चले

जो कमबख्त होता था अपना कभी
उसी दिल को हम आपका कर चले।

 

* सूरज पास हो न हो, किरणे आसपास रहती हैं,
दोस्त पास हो ना हो, दोस्ती आस पास रहती है,
वैसे ही आप पास हो ना हो लेकिन,
आपकी यादें हमेशा हमारे पास रहती हैं।

लम्हो मैं जो कट जाए वो क्या जिंदगी,
ऑसुओं में जो बह जाए वो क्या जिंदगी,
जिंदगी का फलसफां ही कुछ और है,
जो हर किसी को समझ आए वो क्या जिंदगी !!!

 

*  हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे,

कभी कोई दोस्त था हम से तुम खुद कहोगे

ना होंगे हम तो ये आलम ना होगा

मिलेंगे बहुत से लेकिन कोई हमसा ना होगा।

* ये माना बड़े ही बदनाम हैं हम,

कर जाते हैं शरारत क्योंकि इंसान हैं हम,

लगाना ना कभी हमारी बातों को दिल से

आपको तो पता है कितने नादान हैं हम।

               ***

*  इक पल उनके बिन बिताना मुश्किल हुआ,

चाहा तो बहुत पर दूर जाना मुश्किल हुआ।,

क्यूं हो गए वो इस कदर अपने

के उनकी गलती पर भी रूठ जाना मुश्किल हुआ।

*  मुहब्बत से वो देखता है सभी को,

बस हम पर ये इनायत नहीं होती।

मैं तो शीशा हूं टूटना मेरी फितरत है,

इसलिए पत्थरों से मुझे शिकायत नहीं होती।

 

*  आँखों से दिल के फसानें निकले,

मयखाने से शराब के दिवाने निकले,

जो दिल का हाल समझ ना पाया

क्यों उसको हम जख़्म दिखाने निकले।

*  आँखें तो प्यार में दिल की जुबां होती है,

सच्ची चाहत तो सदा बेजुबां होती है

प्यार में दर्द भी मिले तो क्या घबराना,

सुना है दर्द से चाहत ओर भी जवां होती है।

 

*  तुम और फरेब खाओ बयान-ए-रकीब से,

तुम से कम गिला है, ज्यादा है नसीब से !

गोया तुम्हारी याद ही मेरा इलाज़ है,

होता है पहरों ज़िक्र तुम्हारा तबीब से !

बरबाद-ए-दिल का आखिरी सरमाया थी उम्मीद,

वो भी तो तुमने छीन लिया मुझ गरीब से।

धुंधला चली निगाह दम-ए-वापसी है अब,

आ पास आ के देख लूं तुझको करीब से।

            ***

 

 

 

यादों की कीमत वो क्या जानें,

जो यादों को भुला दिया करते हैं

यादों की कीमत उनसे पूछो,

जो यादों के सहारे ज़िन्दगी बिता दिया करते है।

 

*  चाँद की जुदाई में आसमान भी तड़प गया,

उसकी एक झलक पाने को हर सितारा तरस गया

बादल के दर्द का क्या कहुं,

वो भी हंसते-हंसते बरस गया।

 

*  इबादत रब्ब दा ते चेहरा यार दा होवे,

सजदा खुदा दा ते रसम प्यार दी होवे

प्यार दी गल्ल की दसिए

जिकर रब दा ते गल दिलदार दी होवे।

 

*  आपकी मुस्कान हमारी कमजोरी है,

कह ना पाना हमारी कमजोरी है

आप क्युं नही समझते इस खामोशी को,

क्या खामोशी को जुबान देना जरूरी है।

 

*  तमन्ना करते हो जिन खुशियों की,

वो खुशियाँ आपके कदमों में हों

खुदा आपको वो हकीकत में दे

जो सोचा आपने सपनों में हो।

 

*  प्यार में होता एक अलग सा नशा,

दुनियाँ भुला दे ऐसी इसकी अदा

ना करना कभी किसी से इतना प्यार,

कि दिल ही तुमसे पूछे धड़कन कहां।

  ***  

 

*  किसी को प्यार इतना दो कि कोई हद ना रहे,

मगर एतबार भी इतना करना कि कोई शक ना रहे।

वफा इतनी दो कि कभी बेवफाई ना हो,

और दुआ बस इतनी करना कि कभी जुदाई ना हो।

 

*  वो आए मेरी जिन्दगी में कहानी बन कर,

इस दिल में रहे प्यार की निशानी बन कर।

अक्सर जिन्हे हम जगह देते हैं इस दिल में,

वो आँखों से निकल जाते है पानी बन कर।

 

*  दर्द का हद से गुजरना तो अभी बाकी है,

मेरा टूट कर बिखरना तो अभी बाकी है।

चंद लम्हों में कैसे लिख दूं अपने जज्बात,

आग में जलकर पिघलना तो अभी बाकी है।

 

*  उनका दिल दुखाने की हमसे कोई ख़ता ना हो,

वो दूर ही सही पर कभी खफा ना हो।

चाहे हमारी बात ना हो उनसे उम्र भर,

पर दोस्त वो हमारा हमसे कभी खफा ना हो।

 

*  दिल के पास आपका घर बना लिया,

ख्वाबों में आपको बसा लिया।

मत पूछो कितना चाहते हैं हम आपको,

आपकी हर खता को मुकद्दर बना लिया।

 

*  क्युं करता है याद दिल उसे,

जो नहीं जान पाया इतने दिन तक मुझे

याद रखने का करता रहा वादा,

और ऐसे भुला दिया कि कुछ याद ही ना रहा उसे।

 

*  इस दो पल की ज़िन्दगी में तन्हाई क्युं है,

लोगों को हमसे रुसवाई क्युं है

इस दुनियां में इंसान कम तो नही,

फिर मेरे साथ सिर्फ मेरी परछाई क्युं है।

 

*  ये दोस्ती चिराग है, जलाए रखना

ये दोस्ती खुशबू है, महकाए रखना

हम रहें आपके दिल में,

हमेशां इतनी जगह अपने दिल में बनाए रखना।

 

*  उल्फत में कभी ये हाल होता है,

आँखें हंसती है मगर दिल रोता है

मानते हैं जिसे हम मंजिल अपनी,

हमसफर उसका कोई ओर होता है।

 

*  इक दिल है बेज़ुबान कुछ कह नही सकता,

किसी की जुदाई ये सह नही सकता

काश वो समझ जाएं मेरे दिल की आवाज को,

कि कोई है जो उनके बगैर रह नही सकता।

         ***   

 

*  हमारा हर लम्हा चुरा लिया आपने

आँखों को इक सपना दिखा दिया आपने

हमें ज़िन्दगी तो दी खुदा ने

पर प्यार इतना देकर जीना सिखा दिया आपने।

 

*  ना जाने किसकी याद में तड़फता है

ना जाने किसे मिलने को तरसता है

कम्बख्त दिल की बेवफाई तो देखो

रहता मेरे सीने में है और

किसी और के लिए धड़कता है।

 

*  दिल के करीब आके वो जब दूर हो गए

सारे हसीन ख्वाब हमारे चूर हो गए

किसी ने वफा निभाई तो बदनामियां मिलि

और वो बेवफा यहां मशहूर हो गए।

 

*  सभी को सब कुछ नहीं मिलता

नदी की हर लहर को साहिल नहीं मिलता

ये दिल वालों की दुनियां है दोस्त

किसी से दिल नहीं मिलता तो कोई दिल से नहीं मिलता।

 

*  सज़ा देने वाले रज़ा पूछते हैं

जीने की हमसे वजह पूछते हैं

देते हैं खुद ही जहर हमको अक्सर

फिर कितना हुआ है असर, पूछते हैं।

 

*  खुशियों की ज़िन्दगी कुछ पल में बीत जाती है

ना जाने क्युं दूरियां आ जाती हैं

नहीं चाहते जिससे जुदा होना

वक्त की आंधी उसी से दूर ले जाती है।

 

*  अरमान सारे जाग उठे ख्वाबे नाज़ से

अब तो आकर मिलो हमसे उसी अन्दाज़ से

इंतजार में है आज भी उदास सूनी गलियां

चले आना फिर कभी दिल की आवाज़ से।

 

*  बिखरे आँसु के मोती हम पिरो ना सके

तेरी याद में सारी रात सो ना सके

बह ना जाए आँसुओं में तसवीर तेरी

बस यही सोच कर हम रो ना सके।

 

*  बिन तेरे दिल को समझाऊं कैसे

आना चाहुं तेरे पास तो आऊं कैसे

मेरी हर सांस अमानत है तेरी यादों की

टूट कर इससे ज्यादा तुझे चाहुं कैसे।

 

*  दिन रात तड़फते हैं कोई काम नहीं करते

मिलने की तमन्ना में आराम नहीं करते

कुछ ऐसे लोग भी हैं देखो इस दुनियाँ में

जो अपनी मोहब्बत को बदनाम नहीं करते।

         ***   

 

*  आए थे मुझसे मिलने,

मगर मैं न जब मिला

वो मेरी बेखुदी से

मुलाकात कर गए

मैं उम्र भर

’अदम’ न कोई’

दे सका जवाब

वो इक नज़र में

इतने सवालात कर गए।

           ‘अदम’

 

*  जाने किसने शब का दामन मोतियों से भर दिया,

जाने किसके जख्म से ये दर्द छल्का बूंद-बूंद।

चाँद तारों ने जिसे अपना मुकद्दर कर लिया,

जुगनुओं के हाथ आया वो उजाला बूंद-बूंद।

उसकी कीमत एक-दो चांदी के सिक्के और क्या,

अपने माथे से टपकता है जो सोना बूंद-बूंद।

                ‘कुमार गुनावी’

 

*  न कुछ इंतज़ारे-गज़ट कीजिए

जो अफसर कहे बस वो झट कीजिए

कहां का हलाल और कैसा हराम

जो साहब खिलाए वो चट कीजिए

बहुत शोक अंगरेज बनने का है

तो चेहरे पे अपने गिलट कीजिए

अजल आई अकबर, गया वक्ते-बहस

अब इफ कीजिए और न बट कीजिए।

              ‘अकबर इलाहबादी’

                    ***  

 

*  सोचा किसी अपने से बात करें

अपने किसी खास को याद करें

किया जो फैंसला होली की शुभकामनाएं देने का

दिल ने कहा क्यों न आपसे ही शुरुआत करें।

 

*  रंगों का त्यौहार मुबारक हो,

खुशियों की फुहार मुबारक हो

सात रंगों से सजे आपका तन-मन जीवन

एक नहीं, दो नहीं सौ-सौ बार मुबारक हो।

होली की हर्दिक शुभकामनाएं।

 

*  होली वही जो स्वाधीनता की आन बन जाय,

होली वही जो गणतंत्रता की शान बन जाय।

भरो पिचकारियों में पानी ऐसे तीन रंग का,

जो कपड़ों पर गिरे तो हिन्दुस्तान बन जाय।

 

*  रंग उड़ाए पिचकारी,

रंग से रंग जाय दुनियाँ सारी।

होली के रंग आपके जीवन को रंग दें

ये शुभकामनाएं हैं हमारी।

 

*  हवा के हाथ पैग़ाम भेजा है,

रोशनी के ज़रिये एक अरमान भेजा है।

फुर्सत मिले तो कबूल कर लेना,

इस नाचीज ने रंगों के त्यौहार का प्यार भेजा है। 

             ***  

 

 

* मुझे बेदर्द कहते हैं, मेरे दिल को पत्थर कहते हैं, 

पर पत्थरो पर लिखे हों तो सदियों तक रहते है। 

 

* शमा से लिपट जाता है, परवाना राख हो जाता है, 

जो इश्क के चक्कर में पड़ता है वो खाक हो जाता है। 

 

* बुढ़ापा आने के बाद ही जवानी रंग लाती है, 

पत्तो के सूख जाने के बाद ही उनमे आवाज़ आती है। 

 

* तुम्हें याद करता हूँ , तुम "जान” लेती हो, 

तुम फिर भी नहीं आती , मेरी "जान” लेती हो। 

 

* प्यार में जीने की बात करने से ही सनम मिलता है, 

जो मरने की बात करते हैं उन्हें बस कफ़न मिलता है। 

                             ***

* मत इंतज़ार कराओ हमे इतना

कि वक़्त के फैंसले पर अफ़सोस हो जाये,

क्या पता कल तुम लौटकर आओ

और हम खामोश हो जाएं।

 

* दूरियों से फर्क पड़ता नहीं

बात तो दिलों की नज़दीकियों से होती है,

दोस्ती तो कुछ आप जैसों से है

वरना मुलाकात तो जानें कितनों से होती है,

बात कहके तो कोई भी समझ लेता है,

पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है....।

 

 

* मेरा दोस्त जो खुदा सा लगता है

बहुत पास है दिल  के

फिर भी जुदा सा लगता है,

बहुत दिनों से आया नहीं कोई पैगाम उसका

शायद किसी बात पे रूठा सा लगता है।

 

* पलके झुका कर सलाम करते हैं

इस दिल की दुआ आपके नाम करते हैं

कबूल हो, तो मुस्करा देना

क्योंकि आपकी मुस्कराहट पर

ये जां निसार करते हैं।

 

* मुझे सुलाने की खातिर जब रात आती है

हम सो नही पाते रात खुद सो जाती है,

पूछने पर दिल से ये आवाज़ आती है

आज दोस्त को याद कर लें रात तो रोज आती है।

 

* लम्हों में जो कट जाए वो क्या जिंदगी
आंसुओ में जो बह जाए वो क्या जिंदगी,
जिंदगी का तो फलसफा हाली कुछ और है
जो हर किसी को समझ आए वो क्या जिंदगी।

 

* दरिया वफाओं का कभी रुकता नहीं
मुहब्बत में इंसान कभी झुकता नहीं
हम चुप हैं किसी की ख़ुशी के लिए
और वो सोचते हैं दिल हमारा दुखता नहीं।

 

* धोखा दिया था जब तुमने मुझे
तब दिल से मैं नाराज़ था
फिर सोचा की दिल से तुम्हे निकाल दूं
मगर वो कम्बख्त दिल भी तुम्हारे पास था।

 

* दोस्ती करना तो धोखा मत देना

दोस्तों को आँसुओं का तोहफा मत देना,

दिल रोये कभी आपकी याद में

ऐसा किसी को मौका मत देना।

                 ***  

* ईश्क इबादत है इसे खोने मत देना,

बेवफाई गुनाह है इसे होने मत देना,

अगर आपको किसी से सच्चा प्यार है

तो आपको खुदा की कसम उसे रोने मत देना।

 

* उसको चाहा तो इकरार करना न आया,

कट गई उम्र ,प्यार करना न आया

मांगा उसने कुछ तो मांगी जुदाई

और एक हम थे के हमे इन्कार करना न आया।

* दोस्ती की तड़्फ को दिखाया नहीं जाता,

दिल में लगी आग को बुझाया नहीं जाता,

कितनी भी दूरी हो दोस्तों में

आप जैसे दोस्तों को भुलाया नहीं जाता।

* दुआ करते हैं हम सर को झुकाए,

ऐ दोस्त तूं अपनी मंजिल को पाए

अगर कभी तेरी राहों में अन्धेरा आए,

रोशनी के लिए खुदा हम को जलाए।

* आ तेरी उम्र मैं लिख दूं चाँद-सितारों से

तेरा जन्म दिन मैं मनाऊं फूलों से, बहारों से

हर एक खूबसूरती दुनियाँ से मैं ले आऊं

सजाऊं ये महफिल, हर हसीन नज़ारों से।

* अगर तुम न होते तो गज़ल कौन कहता,

तुम्हारे चेहरे को कमल कौन कहता

ये तो करिष्मा है मुहब्बत का

वरना पत्थर को ताजमहल कौन कहता।

* याद करते हैं तुम्हे तन्हाई में

दिल ड़ूबा है गमों की गहराई में

हमें मत ढ़ूंढ़ना दुनियाँ की भीड़ में

हम मिलेंगे तुम्हे तुम्हारी परछाई में।

 

* A friend is sweet when it is new...
It is sweeter when it is true...
but you know what...
it is the sweetest when it is u...!

 

* FRIENDSHIP is like a tree...
It is not MEASURED on how TALL it could be,
but is on how DEEP the ROOTS HAVE GROWN...

 

* Stars have 5 ends,
Squares have 4 ends,
Triangles have 3 ends,
Lines have 2 ends,
Life has 1 end
but I hope our friendship has no end...!

                   ***  

 

* निगाहें रहती हैं किसी के इंतज़ार में,

दिल धड़कता है इक अंजाने के प्यार में,

कितना हसीन होगा वो दिन जब दीदार उनका होगा,

किसी न किसी को तो इंतजार मेरा भी होगा।

 

* मयखाने में जाम टूट जाता है,

ईश्क में दिल टूट जाता है,

जाने क्या रिश्ता है दोनों में,

जाम टूटे तो ईश्क याद आता है,

दिल टूटे तो जाम याद आता है।

* माना के मेरे इश्क में दर्द नहीं था,

पर दिल मेरा बेदर्द नहीं था।

होती थी मेरी आँखों से आंसु की बरसात,

पर उनके लिए आंसु और पानी में कोई फर्क नहीं था।

* उदास लम्हों की कोई याद न रखना,

तुफां में भी अपना वजूद सम्भाल कर रखना

किसी की ज़िन्दगी की बहुत बड़ी खुशी हो आप

उसी के लिए हमेशा अपना ख्याल रखना

           ***  

 

* माना के मेरे इश्क में दर्द नहीं था,

पर दिल मेरा बेदर्द नहीं था।

होती थी मेरी आँखों से आंसु की बरसात,

पर उनके लिए आंसु और पानी में कोई फर्क नहीं था।

 

* उदास लम्हों की कोई याद न रखना,

तुफां में भी अपना वजूद सम्भाल कर रखना

किसी की ज़िन्दगी की बहुत बड़ी खुशी हो आप

उसी के लिए हमेशा अपना ख्याल रखना।

 

* बात ऐसी हो कि जजबात कम न हों,

ख्यालात ऐसे हों कि कभी गम न हों,

दिल के कोने में इतनी सी जगह रखना,

के खाली-खाली सा लगे जब हम न हों।

 

* पानी से प्यास न बुझाई तो

मयखाने की ओर चल निकला,

सोचा शिकायत करुं आपकी खुदा से,

मगर खुदा भी आपका आशिक निकला।

 

*  ज़ुबां तो बन्द है फिर भी हम बात करते हैं,

दूर रहकर भी सदा तेरे पास रहते हैं,

आँखोँ से बहे अश्क तो दिल ये कहता है,

तूं न रोना फिर कभी, तेरे साथ हम रहते हैं।

 

* नाराज़ होना आपसे, गलती कहलायेगी,

अगर आप हमसे नाराज़ हो गये तो....

ये सांसे थम जायेंगी

हंसते रहना हमेशा

आपकी हंसी से हमारी

जिन्दगी संवर जायेगी।

 

* आप हर मंजिल को मुश्किल समझते हैं,

हम आपको मंजिल समझते हैं

बड़ा फर्क है आपके और हमारे नज़रिये में

आप हमें सपने और हम आपको अपने समझते हैं।

 

* आप नहीं तो ज़िन्दगी में क्या रह जायेगा,

दूर  तक तन्हाईयों का सिलसिला रह जायेगा

हर कदम पर साथ चलना मेरे दोस्त

वरना आपका ये दोस्त तन्हा रह जायेगा।

 

* आपको दिल में बसाए रखता हूं,

और दुनियाँ को भुलाए रखता हूँ,

आपको मेरी नज़र न लग जाए,

इस लिए नज़रे झुकाए रखता हूं।

 

* हर खुशी गम का एलान है,

हर मुलाकात जुदाई का एलाम है,

ना रखना किसी से उम्मीद

हर उम्मीद दिल टूटने का फरमान है।

 

 

* कौन था अपना जिसमें पे इनायत करते

हमारी तो हसरत ठीक हमारा भी मुहब्बत करते

उसने समझा ही नहीं मुझे किसी काबिल

वरना उसे प्यार नही उसकी इबादत करते।

 

* सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहेगा

ज़िन्दगी बीत जायेगी वो लम्हा याद रहेगा

जाने क्या बात ठीक उन दोस्तों में

महफिल भूल जाय6गें बस वो दोसताना याद रहेगा।

 

*  जहां हर सर झुक जाय वही मन्दिर है

जहां हर नदी मिल जाय वही समन्दर है

इस जिन्दगी मे दुख तो बहुत है

जो हर दुख को जीत जाय वही सिकन्दर है

 

* तकदीर ने चाहा तकदीर ने बताया

तकदीर ने आपको और हमको मिलाया

खुशनसीब थे हम या वो पल

जब आप सा अनमोल दोस्त

इस जिन्दगी में आया

 

* कभी खामोशी भी बहुत कुछ कहाँ जाती है

तड़फने के लिए सिर्फ याद रह जाती है

क्या फर्क पड़ता है दिल हो या कागज़

जलने के बाद तो सिर्फ राख रह जाती है।

 

* इक साया हूं मैं

हर किसी की परछाई बनाया जाता हूं

गुजर जाता है हर कोई मुझसे होकर

फिर भी मैं तन्हां रह जाता हूं

एक आईना हूं मैं

एक दर्पण कहलाया हूं मैं

सजते है लोगमुझे देखकर

पर खुद में बेरंग नज़र आता हूं

एक ज्योती हू मैं

जल कर रोशनी जागता हूं

कर उजाला सबके घर-आंगन में

खुद अंधेरे में रह जाता हूं।

 

* उसे दिल का हाल सुनाऊं कैसे

मोम का घर है चिराग जलाऊं कैसे

दूर होता तो उसे ढ़ूंढ़ भी लेते दोस्त

जो रुह में छुपा बैठा है उसे पाउं कैसे।

 

* हमने दिल तोड़ा धड़कनों के खौफ से

अपनी बस्ती ही मिटा दी बारिशों के खौफ से

कौन कहता है हमें मुहब्बत रास आयेगी

हमारा तो यूं ही हस देते है आंसुयों के खौफ से।

 

* इश्क ने इंसान को क्या से क्या बना दिया

किसी को कवि तो किसी को कातिल बना दिया

दो फूलों को भी ना उठा सकती ठीक मुमताज

और शांहजां ने उस पर ताजमहल बना दिया।

 

* हौंठों पे दिल के तराने नहीं आते

साहिल पे समन्दर के फसाने नहीं आते

नींद में भी खुल जाती हैं पलकें

आँखों को ख्वाब छुपाने नहीं आते।

 

* फिज़ा पर असर हवाओं का होता है

मुहब्बत पर असर अदाओं का होता है

कोई ऐसे ही किसी का दिवाना नहीं होता

कुछ तो कसूर निगाहों का होता है।

         ***   

 

* अपने गमों को ओर न ले जाया जाय,

घर की चीज़ों को घर में ही सजाया जाय,

घर से मस्जिद है बहुत दूर, बहुत दूर,

चलो ऐसा करें किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाय।

 

* देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी,

पढ़ो तो किताब है ज़िन्दगी।

सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी,

हंसते रहो तो आसान है ज़िन्दगी,

और प्यार से जीने का नाम है ज़िन्दगी।

 

*  मेरे पहलु में भी एक शमा जला करती है,

मेरी खामोशियोँ में भी फसाना ढूंढ लेती है,
बड़ी शातिर है ये दुनियाँ, बहाना ढूंढ लेती है।
हकीकत जिद किए बैठी है चकनाचूर करने को,
मगर हर आँख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है।
न चिड़िया की कमाई है न कारोबार है कोई,
वो केवल हौंसले से आबोदाना ढूंढ लेती है।
समझ पाई न दुनियाँ मसलत मंसूर की अब तक,
जो सूली पर भी हंसना, मुस्कुराना ढूंढ लेती है।
उठाती है जो खतरा हर कदम पर डूब जाने का,
वही कोशिश समन्दर में खजाना ढूंढ लेती है।
ज़ुनूं मंजिल का, राहों में बचाता है भटकने से,
मेरी दीवानगी अपना ठिकाना ढूंढ लेती है।

 

* कोई है जो दुआ करता है,

अपनों में हमें भी गिना करता है।

बहुत खुशनसीब समझते हैं हम खुद को,

दूर रहकर भी जब कोई याद किया करता है।

 

* चलती हवा से आपका हाल पूछ लेते हैं,

आपकी याद से आपका ख्याल पूछ लेते हैं,

मिलेंगे कब? ये मालूम नहीं,

पर खुदा से अक्सर ये सवाल पूछ लेते हैं।

 

* सज़ा पे छोड़ दिया, रज़ा पे छोड़ दिया,

अब हर एक काम को खुदा पे छोड़ दिया।

वो हमको याद रखें या फिर भूल जाएं,

उसी का काम था, उस की रज़ा पे छोड़ दिया।

अब उसकी मर्जी, बुझा दे या जला दे,

चिराग हमने जला के हवा में छोड़ दिया।

अब उससे बात किए बगैर कैसे रहेंगे हम,

ये मसला दुआ का था, सो दुआ पे छोड़ दिया।

इसलिए तो वह कहता है दिवाना हमको,

के हमने सारा जमाना वफा पे छोड़ दिया।

 

* मरने के बाद मेरी ये कहानी लिखना,

कैसे हुई बरबाद मेरी ये जवानी लिखना।

ये लिखना, उसे इंतजार बहुत था किसी का,

आखिरी सांस की कैसे हुई रवानी लिखना।

जो कसमें खाई थी प्यार में उसने,

उन कसमों का क्या हुआ उस पर मेहरबानी लिखना।

ये भी लिखना के उसके होंठ खुशी को तरस गए हैं,

कितना बरसा उन आँखों से पानी लिखना।

और ये भी लिखना दुआ देता था तुझे,

बाहर था कफन से हाथ, ये निशानी लिखना।

          ***      

 

* मेरे दिल की किताब को पढ़ना कभी,

सपनों में आके मुझसे मिलना कभी।

मैंने दुनियाँ सजाई है तेरे लिए,

मेरी नज़रों की उम्मीद बनना कभी।

 

* बहुत दूर है सितारों से रोशन जहां,

जरा हम कदम बन के मेरे साथ चलना कभी।

बहुत नाज़ुक सीने में दिल है मेरा,

तुम अन्दाज़-ए-मुहब्बत बनके धड़कना कभी।

 

* अपनी तकदीर में मुहब्बत मांगना भूल गये,

दिल तो मांगा पर दिलबर मांगना भूल गये।

हमने तो दिल किसी को दे दिया,

बदले में दिल मांगना भूल गये।

 

* अपने कर्म से वो मेरा मुकद्दर बना गये,

खतरों को एक पल में समंदर बना गये।

फूलों सा नाज़ुक था दिल मेरा,

इतना तड़्फाया कि पत्थर बना गये।

 

* तेरी खातिर मैं अपना घर छोड़ आया हूं,

बिलखती हुई दिवार-ओ-दर छोड़ आया हूं।

सिली-सिली सी हवा बहका-बहका समां,

बैचेन वादियों में ये असर छोड़ आया हूं।

मेरा अक्स ही मुझे थाम लेता था कभी,

उसको भी आईने के अन्दर छोड़ आया हूं।

एक मैं ही नहीं, वो भी तड़्पेगा उम्र भर,

इश्क में वहशत का हुनर छोड़ आया हूं।

हो जिक्र फिज़ाओं का, नाम उसका आये,

सेहरा में बेखौफ सा शज़र छोड़ आया हूं।

शब को अपने वजूद पे नाज़ क्यूं है इतना,

मुंतज़िर उसके, एक सहर छोड़ आया हूं।

उफक के साये से अब यूं भी ड़रता कौन है,

मैं ज़हन में उजालों के ड़र छोड़ आया हूं।

 

* कदम-कदम पे हवाओं से ताल्लुक रखना,

प्यार के दौर में प्यार का आसरा रखना,

हमारी यादो की खुशबू जरूर आयेगी,

आप बस अपने दिल का दरवाजा खुला रखना।

 

* इबादत के ज़रिये अपने दिल को साफ रखना,

अपनी रुह को गुनाहो से पाक रखना,

मेरी इक छोटी सी इल्तज़ा याद रखना,

खुश रहना और अपना ख्याल रखना।

 

* रात होगी तो चाँद दिखाई देगा,

ख्वाबों में आपको मेरा ही चेहरा दिखाई देगा।

ये मुहब्बत है जरा सोच कर करना,

एक आँसु भी गिरा तो सुनाई देगा।

 

* अश्क आँखों से नहीं दिल से बहाए मैंने,

दीप मन्दिर में नहीं, दिल में जलाए मैंने।

उनको कांटॉं से बहुत नफरत है, नफरत है,

कांटॉं के बाग ही बाग, दिल में लगाए मैंने।

दर्द के नाम से वो ड़रते हैं, बहुत ड़रते हैं,

दर्द मेहमां हैं मेरे, दिल में बिठाए मैंने।

मौत के ड़र से उन्हें नींद नहीं आती है,

मौत के दूत ही दूत दिल में बसाए मैंने।

जितना हंसने में है उतना ही मज़ा रोने में है,

इसलिए दोनों के घर दिल में बनाए मैंने।

 

* लोगों की गज़ल पढ़-पढ़ कर दिल को समझा रहे थे हम,

अपने दर्द को दूसरों के लफ्ज़ों में तड़फता हुआ पा रहे थे हम।

उसकी हर नज़र पर जान देने जा रहे थे हम,

उसके हर गम को खुशियों से सजा रहे थे हम,

जलाया उसी दिए ने मेरे हाथों को,

जिसकी लौ को हवाओं से बचा रहे थे हम।

 

* वो अपने चेहरे में सौ आफताब रखते हैं,

इसलिए तो वो रुख पे नकाब रखते हैं।

वो पास बैठें तो आती है दिलरुबा खुशबू,

वो अपने ओंठो पे खिलते गुलाब रखते हैं।

हर एक पन्ने में तुम ही तुम हो,

हम अपने दिल की कुछ ऐसी किताब रखते हैं।

जहान-ए-इश्क में ‘सोनी’ कहीं दिखाई दे,

हम अपनी आँख में कितने ‘चिनाब’ रखते हैं।

 

* मैं अपनी ही उलझी हुई राहों का तमाशा,

जाते हैं जिधर सब, मैं उधर क्यों नहीं जाता।

वो नाम जो बरसों से, न चेहरा न बदन है,

वो ख्वाब अगर हैं तो बिखर क्यों नहीं जाते।

 

* आपको दिल में बसाए रखता हूं मैं,

और दुनियाँ को भुलाए रखता हूं मैं।

आपको मेरी नज़र न लग जाय,

इसलिए नज़रे झुकाए रखता हूं मैं।

 

* रिश्तों की सुई हूं यारों तलवार नहीं हूं मैं,

एक प्रेम का धागा हूं दीवार नहीं हूं मैं।

चेहरा पीला, ये खुश्क हौंठ, आँखों में उदासी है,

कुछ ‘दर्द-ए-मोहब्बत’ है, बिमार नहीं हूं मैं।

ये लफ्ज़े मुहब्बत पढ़ के दिल में रखना,

पढ़ के फैंकी जाऊं अखबार नहीं हूं मैं।

लफ्ज़ों का हीरा हूं, बाज़ार में मत ढूंढ़ो,

बिकने वाली फनकार नहीं हूं मैं।

                    ‘अंजान’

      ***

                          

* Love is a Debit card,

Life is a Credit card,

Wife is a Visa card,

          BUT

Friendship is a Gold Card.

Keep it safe in your heart.

 

* मिले हर जन्म में आप सा यार,

दुआ करते हैं रब से बार-बार,

चाहे क्यों न ठुकरा दे हमें ये दुनियां,

पर मिलता रहे आप जैसे दोस्तों का प्यार।

 

* एक रात खुदा ने पूछा,

तूं दोस्तों में इतना क्यों खोया है,

तब अन्दर से आवाज़ आई,

दोस्तों ने खुशियां दी हैं वरना,

प्यार में तो इंसान हमेशा रोया है।

 

* जिन्दगी को देखने का झरोखा है दोस्त,

खुद को भूल जाने की जगह है दोस्त,

गम को मिटाने की दवा है दोस्त,

किसी के लिए मन्दिर, किसी के लिए मस्जिद,

मेरे लिए तो मेरा खुदा है दोस्त।

 

* दोस्त का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता,

दोस्त चाहे कितनी भी दूर हो गम नहीं होता,

प्यार में अक्सर दोस्ती कम हो जाती है,

पर दोस्ती में प्यार कभी कम नहीं होता।

 

* आप नहीं तो जिन्दगी में क्या रह जायेगा,

दूर तक तन्हाईयों का सिलसिला रह जायेगा,

हर कदम पर मेरे साथ चलना दोस्त,

वरना आपका ये दोस्त तन्हा रह जायेगा।

 

* मजबूर हम नहीं कि भूल जाएं,

खिलोना हम नहीं कि यूं ही टूट जाएं,

दुआ से खरीदा है हमने अपनी दोस्ती को,

दौलत से नहीं, कि रख कर भूल जाएं।

 

* Dolphin said to water,

You can’t see my tears.

Because I am in the water.

Water replies :

But I can feel your tears,

Because you are in my heart.

That is the feeling of Friendship.

      ***               

 

 

* वो जो मेरे हाथ में रेखा है, अकेली होगी,

जिसमे तू होगी, वो कोई और हथेली होगी।

 

* जी चाहता है, खत लिखना,

उन्होने कहा है, मत लिखना,

ज़िन्दगी बेशक से ग़लत लिख,

तुम कभी मत उसे ग़लत लिखना।

 

* अपनी बीती हुई रंगीन जवानी देगा,

अपनी तस्वीर भी देगा तो पुरानी देगा।

आदते मिलती हैं सूरज से उसकी,

वक्त रुखसत के शाम सुहानी देगा।

मैने ये सोच कर तो नहीं लगाया ख्वाब का द्रख्त,

के कौन सूने जंगल मे पानी देगा।

 

* हक मे किसी कातिल के दुआ कौन करेगा,

ये काम सिवाय मेरे और कौन करेगा।

 

* मैंने जो पत्थर तराशा, वो खुदा हो बैठा,

शुक्रिया ऐ मेरे कातिल, ऐ मसीहा मेरे,

तूने जो जहर दिया, वो ही दवा हो बैठा।

         ***   

 

* नज़र अंदाज कैसे करें आपको,

नज़रों में बैठाया है आपको,

याद आने पर रोंये भी तो कैसे,

ड़रते हैं, झुकी जो पलकें तो चुभेंगी आपको।

 

* कभी आंसु छुपा-छुपा कर रोये।

कभी दास्तान-ए-गम सुना-सुना कर रोये।

रात काटी है इंतजार-ए-याद में,

हम रात भर तारों को जगा-जगा कर रोये।

फिर वो न आई, रात का वादा करके,

हम तमाम रात शमा जला-जला कर रोये।

आज रात उनके आने की उम्मीद थी हमे,

वो न आये, हम घर सजा-सजा कर रोये।

सुना है दुआ से होती है मुराद पूरी,

हम सारी रात हाथ उठा-उठा कर रोये।

 

* सुबह मांगी थी, गम का अंधेरा मिला,

मुझको रोता सिसकता सवेरा मिला,

मैं उजालों की नाकाम हसरत लिए,

उम्र भर मोम बन कर पिघलती रही।

 

* कर्ज दोस्ती का अदा कौन करेगा,

जब हम ही न रहेंगे तो दोस्ती कौन करेगा,

ए खुदा मेरे दोस्तों को सलामत रखना,

वरना मेरे जीने की दुआ कौन करेगा।

 

* बहते अश्कों की ज़ुबान नहीं होती,
लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नहीं होती,
मिले जो प्यार, तो कदर करना,
किस्मत हर किसी पर मेहरबां नहीं होती। 

 

* एक लड़का और एक लड़की एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे.
दुर्भाग्य से लड़का मर गया.......
मरने के बाद उसने लड़की से कहा

"
एक वादा था तेरा हर वादे के पीछे,
तू मिलेगी मुझे हर दरवाज़े के पीछे,
पर तू मुझे रुसवा कर गयी
एक तू ही ना थी मेरे जनाज़े के पीछे".

इतने में लड़की की आवाज़ आई,
उसने कहा . . . . .


"एक वादा था मेरे हर वादे के पीछे,
मैं मिलूंगी तुझे हर दरवाज़े के पीछे,
पर तूने ही मूड के ना देखा,
एक और जनाज़ा था तेरे जनाज़े के पीछे।"

   

           ***    

 
 

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